Rama ka Rajyabhishek

पुनर्वसु नक्षत्र में रामनवमी के दिन ही श्रीराम का वनगमन हुआ था तथा उसी दिन उनका चौदह वर्ष पूर्ण हुआ। उसके अगले दिन पुष्य नक्षत्र के योग में उनका राज्याभिषेक हुआ।

Mahashivaratri, the day of incarnation as Shivalinga

फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि के दिन महाशिवरात्रि मनायी जाती है। नारद-संहिता के अनुसार दिस दिन आधी रात में चतुर्दशी तिथि रहे, उसी दिन शिवरात्रि का व्रत … Read More

Hundred names of Goddess Saraswati starting with sha

मिथिलामे शकारादि- शारदा-शतनामस्तोत्रक परम्परा रहलैक अछि। पाण्डुलिपि अन्वेषणक क्रममे एहि पंक्तिक लेखक कें एकर अनेक प्रति विभिन्न ठामसँ भेटल छनि । हमरा गाम हटाढ रुपौलीमे हमर उपरक पीढीक कमसँ कम दू व्यक्ति छलाह जे प्रतिदिन स्नान कएलाक बाद एकर पाठ करैत रहथि।

Sarasvati-rahasyopanishat

सरस्वतीरहस्योपनिषत् तन्त्रात्मक उपनिषद् थीक। एकर ऋषि आश्वलायन छथि जे मानैत छथि जे वेदमे 10 टा मन्त्रमे देवी सरस्वतीक स्तुति कएल गेल अछि। एहि दसो मन्त्रक विनियोग, ध्यान आ बीज मन्त्रक निर्देश एहि सरस्वतीरहस्योपनिषत् मे कएल गेल अछि।

मिथिलामे प्रचलित पाबनि-तिहारक सूची

मिथिलाक प्रसिद्ध पाबनि-तिहार एवं व्रत आदि स्रोत- ई सूची कामेश्वर सिंह संस्कृत विश्वविद्यालयक पंचागक आधार पर बनाओल गेल अछि। श्रावण- साओन मासक व्रत-पर्व अशून्यशयन मौनापञ्चमी- कृष्णपक्ष, पंचमी तिथि, मनसा-देवी जागरण … Read More

Chhath Parva : Scriptures and Folk Traditions

छठ पर्व में भगवान् सूर्य की उपासना के साथ स्कन्द की माता षष्ठिका देवी एवं स्कन्द की पत्नी देवसेना इन तीनों की पूजा का महत्त्वपूर्ण योग है। इसी दिन कुमार कार्तिकेय देवताओं के सेनापति के रूप में प्रतिष्ठित हुए थे अतः भगवान् सूर्य के साथ-साथ

Three Stotras for daily recital in Mithila- “Gosajnika Nao”

मिथिलाक संस्कृतिमे, प्रतिदिन, विशेष रूपसँ कार्तिक मासमे, सभठाम, विशेष रूपसँ सिमरियामे, कल्पवासक अवधिमे गोसाञिक नामक पाठ करबाक आ सुनबाक परम्परा रहलैक अछि। एहि गोसाञिक नामक अन्तर्गत तीन टा स्तोत्रक पाठ होइत छल

हरितालिका व्रतक मैथिली कथा

एक दिस आकक माला गूथल केश छनि आ दोसर दिस मूडीक हड्डीके माला माथ पर धारण केने छथि। एक दिस सुन्दर पटोर पहिरने आ दोसर दिस विना कपडा पहिरने छथि। एहन गौरी कें प्रणाम आ महादेव कें प्रणाम।