Dr. Amoda Jha

डॉ० पं. आमोद झा ‘निर्मोदः’

स्व. डा. आमोद झा “निर्मोद”

स्व. डा. आमोद झा मिथिलाक कुशल पाण्डुलिपि-विज्ञानी रहथि। ई अनेक संस्कृत ग्रन्थ कें मिथिलाक्षरक पाण्डुलिपिसँ लिप्यन्तरण कए ओकर सम्पादन कएने रहथि। कमे समयमे हिनक कएल काज सभ दिन महत्त्वपूर्ण रहल। दुर्भाग्य जे अल्प अवस्थामे 1993 ई. मे हिनक देहान्त भेल आ मिथिलाक्षरक एकटा पाण्डुलिपि-शास्त्री सँ हमरालोकनि वंचित भए गेलहुँ। हिनक असमय देहान्त सँ एकटा अपूरणीय क्षति भेल छैक। हिनका प्रति श्रद्धाञ्जलि।

डा. शशिनाथ झाक द्वारा अनेक ग्रन्थक सम्पादनमे डा. आमोद झाक द्वारा लिपि-वाचनमे सहायता कएल गेल छल। मिथिला-परम्परागतनाटकसंग्रहक षष्ठ भागक दूनू नाटकमे ओ संयुक्त सम्पादक रहथि। हुनक परिचय एतए प्रकाशित अछि-

  • पिता- पं. हरिहर झा
  • पितामह- वैदिक पं. गङ्गानाथ झा
  • पितृव्य- डॉ. पं. विश्वनाथ झा एवं डॉ. पं. शशिनाथ झा
  • वंश- बुधवाल डुमरा मूलक वत्सगोत्रीयः
  • निवास- ग्राम पत्रालय- दीपः, झंझारपुर, आर. एस., मण्डलम् – मधुवनी (बिहार)
  • जन्मतिथि- 13-10-1962 ई०
  • स्वर्गवास:- 15.08.1993 ई.

अध्ययन

  • मध्यमा, संस्कृतमहाविद्यालयः, दीपः (मधुवनी), 1976ई.
  • शास्त्रीप्रतिष्ठा, ज्यौतिष विभाग, कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालयः, दरभङ्गा,1979 ई.
  • आचार्य-  गणित ज्यौतिष, कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालयः, दरभङ्गा, 1981ई.
  • आचार्य- फलित ज्यौतिष, कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालयः, दरभङ्गा, 1983 ई.
  • विद्यावारिधिः (पी-एच.डी.), कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालयः, दरभङ्गा, 1987ई.

गुरु

  1. पं. कालीकान्त मिश्रः
  2. पं. व्रजकिशोर झा
  3. शिवकान्त झा
  4. पं. रामचन्द्र झा आदि

अध्यापन

  • व्याख्याता, लक्ष्मीवती सं० महाविद्यालय, सरिसव, 1982-1986ई.
  • व्याख्याता, राजकुमारी गणेश शर्मा संस्कृत विद्यापीठम्, कोलहण्टा पटोरी, दरभङ्गा, 17-02-1987 से 14.08.1993 तक

प्रकाशित ग्रन्थ

  1. मिथिला-परम्परागत-नाटक-संग्रह (षष्ठ खण्ड) डा. शशिनाथ झाक संग संयुक्त सम्पादन
    1. गौरीप्रणय नाटक, शिवदत्त
    2. गौरीस्वयंवर नाटिका, कान्हाराम दास
  2. रत्नशतकम्, जीवेश्वरकृत मुहूर्त्तग्रन्थ, हिन्दी व्याख्या, संस्कृत विश्वविद्यालयः, दरभङ्गा, 1987 ई.
  3. रत्नकलापः, विष्णुदेवकृतः,  मिथिला शोध संस्थान, दरभङ्गा, 2007 ई.
  4. भूमिभ्रमणम्, गणपतिकृतम्,  सम्पादन, विश्वमनीषा, कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालयः, दरभङ्गा की शोध पत्रिका, 1988 ई.
  5. ज्यौतिषे मैथिलकृताग्रन्थाः, विश्वमनीषा, कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालयः, दरभङ्गा की शोध पत्रिका,
  6. दशाविमर्शः, विश्वमनीषा, कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालयः, दरभङ्गा की शोध पत्रिका,1989 ई.
  7. जन्मपद्धति, दैवज्ञ मैथिल नीलकण्ठ, संस्कृतमनीषा, 2016 ई.
  8. लघुजन्मपद्धति, ज्योतिषी अपूछ झा, संस्कृतमनीषा, 2016 ई.
  9. प्रशस्तिमाला, रत्नपाणि, संस्कृतमनीषा, 2016 ई.

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