Dr. Shashinath Jha

मिथिला के आधुनिक विद्वानों में अन्यतम डा. शशिनाथ झा, एक साथ मिथिला के इतिहास, पाण्डुलिपिशास्त्र, संस्कृत व्याकरण, साहित्य, धर्मशास्त्र आदि के विद्वान् हैं। इन्होंने सौ से अधिक ग्रन्थों का सम्पादन तथा लेखन किया है।

A practical guide to marriage procedure in Shrotriyas of Mithila 01

मिथिलामे ब्राह्मणक एकटा समूह अछि जे सोति कहबैत छथि। सोतिमे विवाहक प्रक्रिया बड़ उदार अछि। एहिमे दहेज नामक कोनो वस्तु नै अछि। विवाहमे आइयो आडम्बर त्याज्य अछि।

Dr. Jitendra Kumar Singh Sanjay

डॉ. जितेन्द्र न केवल कवि, साहित्यकार, आलोचक, भाषाविद् एवं इतिहासकार हैं, अपितु सामाजिक सरोकार रखनेवाले सहृदय व्यक्ति भी हैं।

Ideal System of Marriage in Mithila, Part 1

जखने विवाहकें एकटा पवित्र संस्कार मानल जाए लागत तखनहिं बेसी लम्फ-लम्फाक दिससँ लोक विरत होएताह आ दहेज बहुत कम भए जाएत। कन्याक महत्त्व बढ़त, भौतिकवादक स्थान पर एकर आध्यात्मिक महत्त्वक मानसिकता जागत आ दहेजक दिससँ मोन टुटत।

Ram Bharos Kapari Bhramar

मैथिली आ मिथिलाक लेल समर्पित लेखक, सम्पादक, पत्रकार श्री राम भरोस कापरि भ्रमर वर्तमानमे नेपालीय मैथिली साहित्यक सशक्त हस्ताक्षर छथि।

Dr. Sushant Kumar

मिथिला के इतिहास एवं पुरातत्त्व, विशेष रूप से मूर्ति-विज्ञान एवं वास्तु कला पर कार्य करनेवाले आधुनिक विद्वानों में डा. सुशान्त कुमार का नाम लिया जा सकता है। इनका यह कार्य निर्बाध गति से चलता रहे इसी शुभकामना के साथ….

Astrology in Valmiki-Ramayana

वाल्मीकीयरामायणे न केवलं द्वादशराशीनामुल्लेखः, अपि तु जन्मलग्नं विनिश्चित्य भावानामपि गणनायाः सङ्केतः प्राप्यते। ग्रहाणामुच्चैः नीचैश्च स्थानेषु अवस्थानमपि तत्र गणितम् ।

Rama ka Rajyabhishek

पुनर्वसु नक्षत्र में रामनवमी के दिन ही श्रीराम का वनगमन हुआ था तथा उसी दिन उनका चौदह वर्ष पूर्ण हुआ। उसके अगले दिन पुष्य नक्षत्र के योग में उनका राज्याभिषेक हुआ।